ब्रेकिंग
भिलाई में दुर्ग पुलिस का तड़के कॉम्बिंग अभियान, किरायेदारों और संदिग्धों की हुई जांच दुर्ग के बांबे आवास उरला में 19 वर्षीय युवक की हत्या, वारदात के चंद घंटों में आरोपी गिरफ्तार दशहरा विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक पर चाकू से हमला करने वाला बालक गिरफ्तार पुलिस स्मृति दिवस पर प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, पुलिस महानिरीक्... दुर्ग में स्टील प्लांट में दुर्घटना के बाद जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ एफआ... पुलिस स्मृति दिवस पर नवागढ़ थाना प्रभारी टीआई श्री मनीकांत पाण्डेय सहित पुलिस स्टाफ का सम्मान जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर की उपस्थिति में रावण,के पुतले का दहन, दुर्ग में आज होगा ऐतिहासिक महाकन्या भोज, शोभायात्रा के बाद कन्याओं को कराया जाएगा भोज मां चंडिका मंदिर में नवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु प्रेम प्रसंग के विवाद में युवती के मंगेतर पर जानलेवा हमला, मिर्च पाउडर डालकर धारदार हथियार से वार कर...
छत्तीसगढ़

वात्सल्य योजना की भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा, अपात्रों का बोलबाला, योग्य अभ्यर्थी बाहर

जगदलपुर |  जिला बाल देखरेख संस्था में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत हाऊस फादर सहित अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी की गई चयन सूची में अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ देते हुए कई योग्य उम्मीदवारों का हक मारा गया है।

पहले चरण में घोषित चयन सूची में हाऊस फादर के पद पर रसोईया और सहायक रसोईया जैसे कर्मचारियों को बाल संरक्षण का अनुभव मानते हुए चयनित किया गया है। जबकि भर्ती विज्ञापन की गाइडलाइन के अनुसार, इस पद पर केवल बाल संरक्षण और बाल कल्याण का कार्य कर चुके उम्मीदवारों को ही अनुभव का लाभ मिलना था। ऐसे में रसोईघर में 2-3 घंटे काम करने वालों को बाल संरक्षण का अनुभव देना पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

सबसे गंभीर आरोप किशन बघेल नामक अभ्यर्थी को लेकर है। उसने आवेदन में खुद को अविवाहित बताया जबकि वह विवाहित है। इसकी शिकायत भी विभाग को दी गई, परन्तु ना तो उसे मेरिट सूची से हटाया गया और ना ही कोई कार्रवाई की गई। उल्टे अधिकारी उसे ज्वाइन कराने की तैयारी में लगे हैं।

इस मामले में जिला अधिकारी हेमंत साहू ने कहा है कि, “हम अविवाहित बताने वाले अभ्यर्थी की जांच करवा रहे हैं। अनुभव के मामले में भी मापदंडों को देखा जा रहा है। गाइडलाइन स्पष्ट नहीं थी, इसलिए समिति से पुनः परीक्षण कराया जाएगा।”

इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 9 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। अब शिकायत मिल रही है कि सभी पदों पर गलत अनुभव जोड़कर चयन किया गया है। चयन समिति की पारदर्शिता को लेकर भी अभ्यर्थियों ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button