ब्रेकिंग
मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा हवलदार भोजराम साहू को शौर्य चक्र, राष्ट्रपति भवन में 8 जून को होगा सम्मान; वीरता पर देश को गर्व वाहन विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पद्मनाभपुर पुलिस की कार्रवाई दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख की हेरोइन के साथ महिला गिरफ्तार, नशा तस्करी पर कसा शिकंजा महापौर ने ली विकास कार्यों की समीक्षा, जल संरक्षण व अधोसंरचना से जुड़े अहम निर्णय शराब के लिए पैसे मांगकर कार सवार का रास्ता रोका, गाली-गलौज करने वाले 4 आरोपियों पर मामला दर्ज रसोई गैस पर बढ़ा बोझ: LPG सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी, उपभोक्ता परेशान दुर्ग में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 15 जुआरी गिरफ्तार; ₹4.34 लाख की संपत्ति जब्त रायपुर में विकास भी, विरोध भी: मिनी बस सेवा शुरू, कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
छत्तीसगढ़

वात्सल्य योजना की भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा, अपात्रों का बोलबाला, योग्य अभ्यर्थी बाहर

जगदलपुर |  जिला बाल देखरेख संस्था में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत हाऊस फादर सहित अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी की गई चयन सूची में अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ देते हुए कई योग्य उम्मीदवारों का हक मारा गया है।

पहले चरण में घोषित चयन सूची में हाऊस फादर के पद पर रसोईया और सहायक रसोईया जैसे कर्मचारियों को बाल संरक्षण का अनुभव मानते हुए चयनित किया गया है। जबकि भर्ती विज्ञापन की गाइडलाइन के अनुसार, इस पद पर केवल बाल संरक्षण और बाल कल्याण का कार्य कर चुके उम्मीदवारों को ही अनुभव का लाभ मिलना था। ऐसे में रसोईघर में 2-3 घंटे काम करने वालों को बाल संरक्षण का अनुभव देना पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

सबसे गंभीर आरोप किशन बघेल नामक अभ्यर्थी को लेकर है। उसने आवेदन में खुद को अविवाहित बताया जबकि वह विवाहित है। इसकी शिकायत भी विभाग को दी गई, परन्तु ना तो उसे मेरिट सूची से हटाया गया और ना ही कोई कार्रवाई की गई। उल्टे अधिकारी उसे ज्वाइन कराने की तैयारी में लगे हैं।

इस मामले में जिला अधिकारी हेमंत साहू ने कहा है कि, “हम अविवाहित बताने वाले अभ्यर्थी की जांच करवा रहे हैं। अनुभव के मामले में भी मापदंडों को देखा जा रहा है। गाइडलाइन स्पष्ट नहीं थी, इसलिए समिति से पुनः परीक्षण कराया जाएगा।”

इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 9 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। अब शिकायत मिल रही है कि सभी पदों पर गलत अनुभव जोड़कर चयन किया गया है। चयन समिति की पारदर्शिता को लेकर भी अभ्यर्थियों ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button